!! ॐ !!


Friday, January 21, 2011

!! प्रियतम की याद आ गई, प्यारे की याद आ गई...!!



आज अपने सांसारिक जीवन में व्यस्त एवं माया में लिपटे एक प्रभु प्रेमी को प्रियप्रभु की ही कृपा से ही आकास्मात ही अपने प्रियतम कन्हैया की याद हो आ गई... मन मस्तिष्क से एवं हृदय पटल पर अपने प्रियतम की इस छवि को विराजित कर अपने प्रियतम, अपने कन्हैया की याद में विचरने वाला वह प्रभु प्रेमी, उस याद में ही अत्यंत आत्मिक आनंद की अनुभूति करता है... और अपने प्रियतम के प्रेम से पूरित उस प्रभु प्रेमी का अत्यंत ही आनंदित हृदय यह कह रहा है, कि...




कानूडा की याद आ गई, कन्हैया की याद आ गई...
प्रियतम की याद आ गई, गिरधर की याद आ गई...
प्यारे की याद आ गई, कानूडा की याद आ गई...
याद में विचरने दो, ले लूँssss थोड़ा मजा...
याद में विचरने दो, ले लूँssss थोड़ा मजा...



मन बगिया का उड़ता पंक्षी, डाल डाल डोले...
फुदक फुदक कर चहक चहक कर, बोल मधुर बोले...
उड़ते हुए पंक्षी को, मीठे बोर चुनने दो...
उड़ते हुए पंक्षी को, मीठे बोर चुनने दो...
ले लूँssss थोड़ा मजा... ले लूँssss थोड़ा मजा...



मेरे प्रभु प्रेमियों..!!! प्रभुप्रेमी वह जीव, जिसे अपने प्रियतम से अत्यंत प्रेम तो है परन्तु सांसारिक परिस्थितिवश, एवं विवशतावश कभी कभी अपने प्रियतम के प्रति अपनी भावनाये व्यक्त नही कर पाता है... जिसका उसे अत्यंत ही दुःख है... अतएव वह बहुत ही करुण एवं व्यथित हृदय से इस प्रकार अपने प्रियतम से अपने हृदय की भावनाये व्यक्त करते हुए कहता है...


हे कन्हैया, हे साँवरिया, हे श्यामसुन्दर...


पिंजरे माहि बंद पखेरू, बार बार हाले...
लाख फुदकना चाहे, उसका जोर नही चाले...
माया ने शिकंजा कसा, थोड़ा तो निकलने दो...
माया ने शिकंजा कसा, थोड़ा तो निकलने दो...
ले लूँssss थोड़ा मजा... ले लूँssss थोड़ा मजा...



याद में तेरी ओ साँवरिया, नयन लगे झरने...
झर-झर बहकर आँसू, दिल की बात लगे कहने...
मेरे हृदय पे मोहन, श्याम रंग चढ़ने दो...
मेरे हृदय पे मोहन, श्याम रंग चढ़ने दो...
ले लूँssss थोड़ा मजा... ले लूँssss थोड़ा मजा...



बहुत कठिन है ओ मेरे भगवन, यूँ जीवन जीना...
शीतल मीठी धार छोड़कर, कड़वा जल पीना...
'नंदू' दया कर मोहन, चरणों में ही रहने दो...
'नंदू' दया कर मोहन, चरणों में ही रहने दो...
ले लूँssss थोड़ा मजा... ले लूँssss थोड़ा मजा...



कानूडा की याद आ गई, कन्हैया की याद आ गई...
प्रियतम की याद आ गई, गिरधर की याद आ गई...
प्यारे की याद आ गई, कानूडा की याद आ गई...
याद में विचरने दो, ले लूँssss थोड़ा मजा...
याद में विचरने दो, ले लूँssss थोड़ा मजा...



!! जय जय हो प्रियतम कन्हैया की !!
!! जय जय हो प्रियतम प्यारे की !!
!! जय जय हो प्रियतम कानुडा की !!
भाव की प्रस्तुति : "श्री नंदू जी"

Saturday, January 15, 2011

!! प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके... !!




निश्छल प्रेम और सरल हृदय के भाव के भूखे प्रभु, अपने भक्त की करुण पुकार सुन ठीक उसी प्रकार प्रकट हो जाते है, जिस प्रकार एक गाय अपने बछड़े की पुकार सुन सुदूर जंगलों में कितनी ही दूर हो, वो वही से दौड़ती हुई उसके पास चली आती है... और उसे स्नेह एवं ममता से सहलाने लगती है... जिस प्रकार गाय को अपने बछड़े में अपार ममता होती है, उसी प्रकार दीनदयाल, करुणानिधि प्रभु में भी निज भक्तों के लिये अपार ममता होती है, एवं जब किसी भक्त की करुण पुकार प्रभु तक पहुचती है तो प्रभु भी अपने आप को रोक नहीं पाते... और दौड़े चले आते है निज भक्त के पास...



प्रभु तो प्रेम को डोरी में स्वयं ही बंधने के लिये तत्पर रहते है, परन्तु उन्हें निश्चल प्रेम की डोरी में बांधना वाला विरला ही कोई होता है... किन्तु इस संसार में कई ऐसे भी भक्तवृंद हुए है, जिनके पूर्ण समर्पण के भाव से उन्हें प्रिय प्रभु की प्राप्ति हुई है... अगर हम लोग भी अपने हृदय में उन भक्तों के सदृश्य अंश मात्र भी प्रभु प्रेम की ज्योत पूर्ण समर्पण भाव से जगा ले तो प्रभु कृपा की प्राप्ति में लेष मात्र भी संशय नहीं है, इसलिए तो कहते है...



प्रभु आते है, हम बुलाते नहीं !
ज्योत मन में, प्रभु की जगाते नहीं !!


प्रेम डोरी से बंध के, चले आते है !
टूटी हुई डोरी प्रभु को, भाति नहीं !!




तुम मीरा बनो तो, तुम सबरी बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...
तुम मीरा बनो तो, तुम सबरी बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...



प्रीत भक्ति की, प्रभु जी से माँगना...
प्रेम डोरी से, प्रभु जी को बांधना...
तुम सुदामा बनो तो, तुम केवट बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...



चाहे सुख में रहो, चाहे दुःख में...
ध्यान हर पल, प्रभु का हो हृदय में...
तुम सूरदास बनो तो, तुम तुलसीदास बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...



भाव सेवा का, सदा मन में रखना...
राह प्रभु जी बताये, वो ही चलना...
तुम अर्जुन बनो तो, तुम हनुमान बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...



तुम मीरा बनो तो, तुम सबरी बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...
तुम मीरा बनो तो, तुम सबरी बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...



!! जय श्री हरि !!
!! जय श्री हरि !!
!! जय श्री हरि !!


टिपण्णीयाँ :


Mukesh K Agrawal


‎प्रीत भक्ति की, प्रभु जी से माँगना...
प्रेम डोरी से, प्रभु जी  को बांधना...
तुम सुदामा बनो तो, तुम केवट बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके...


!! जय श्री हरि !!
!! जय श्री हरि !!
!! जय श्री हरि !!





Naresh Sharma

Karuna karke karuna nidhi roye nainke jalso pag dhoe mere karuna nidhi itne dayalu he ki kisike kasht nahi dekh sakte wo sudama ke pero ki halat dekhakar kalpna karte he pida ki aur rodete he aasuo se pir pakharte he sudamaji ke



Jai Shri Krishna

चाहे सुख में रहो, चाहे दुःख में...
ध्यान हर पल, प्रभु का हो हृदय में...

तुम सूरदास बनो तो, तुम तुलसीदास बनो तो...
प्रभु आवेंगे राम-श्याम बनके... 


 

Sulakshna Singh

Ahaaha Manoj ji !! Param anand hai,,
Aur koi nahi duniya me siwaye Prabhu ke....

" मन मेरा मंदिर हरी  मेरी पूजा ! हरी से बडा  नही कोई दूजा "




Love Radhe

jai radhika;

ji haa janaab ..........we must engaged our soul unto the lotus feet of radhika  & den krishna ........surely my radhika will arranged the convenient way for we like small & poor creatures to reach back 2 pavilion(GOLOK VRINDAVAN-...---VAIKUNT) i ,,u,,&; we all will be der 1 day ...

jai shree radhika ki jai ___________omshanti



Manjulata Verma

bilkul saty bat kahati hai ye pad...prabal prem ke pale padakar ..prabhu ko niyam badalate dekha....apana  man bhale tal jaye, bhakt ka man na talane dete..prabhu to aise hi hain....radhe radhe.



Naresh Sharma

mere bihari to premke bhuke he warna  sansar me koi chij eslayak nahi he jo mere bake bihari ko lubha sake



Love Radhe

reply @ Manjulata ji _________ha ha ha  ji mata ji we all must hypnotize eternally towards my little radhika__



Mukesh K Agrawal

बहुत सुन्दर लिखा  आपने  मंजूलता जी...

"अपना मन भले टल जाये,  भक्त का मन न  टलने देते"

!!!!!!!!जय हो  लाडली  राधिका एवं  राधिकापति की!!!!!!!




Naresh Sharma

Very nice manjulataji jai ho raseshwari shri radhe ju ki



Love Radhe

rep @ MUKESH BHAI

ji haan hamare mata ji sahi darsay apne maan ke khubiyaa ko __ yessss LORDS can do everything for der beloved childerns,,,even they can break der rules & regulations wid all the laws ......jai radhika





Mukesh K Agrawal


जी सही कहा... महाभारत में भी ऐसी  एक बात आती   है कि,  महाभारत रण  में पितामह भीष्म ने यह प्रतिज्ञा  कर ली थी कि "मैं  श्री कृष्ण को शस्त्र  ग्रहण  कराकर  छोड़ूंगा" और श्री कृष्ण ने युद्ध के पहले ही यह प्रतिज्ञा  की थी कि "मैं  इस युद्ध   में शस्त्र नहीं  उठाऊँगा..."

परन्तु, जिस  समय पितामह  भीष्म ने  बाणों की  वर्षा करके   अर्जुन के  रथ को ढंक  दिया था... उधर प्रभु श्री कृष्ण ने  देखा कि  भीष्म  पितामह ने   बाणों की  वर्षा कर दी  है तो प्रभु  से रहा नहीं  गया और वे रथ से कूद पड़े   और जिस तरह  जंगल का  राजा सिंह  हाथी को  मारने के  लिए उस पर टूट पड़ता है, वैसे ही रथ का पहिया  लेकर प्रभु  पितामह  भीष्म पर टूट पड़े... संसार के देखने में तो वह रथ का पहिया था, परंतु  प्रभु के  हाथ में आते  ही वह रथ   चक्र सुदर्शन-चक्र बन गया... उस समय वे इतने वेग से दौड़े कि  उनके कंधे  का दुपट्टा  गिर गया और  पृथ्वी   कांपने लगी...  उनका यह रूप देख पितामह भीष्म ने हाथ जोड़ लिये और यु कहा :

"अंततः प्रभु आपने अपने भक्त की बात को सिद्ध करने के लिए अपनी प्रतिज्ञा को तोड़ ही दी..."

"अपना मान टले टल जाये,  पर भक्त का  मान न टलते देखा''



Pallavi Sharma

jai shree krishna ji..........
thanku ji for approval my request...
badi pyari pic h....
or uspar itta pyara note....
sone par suhaga....
mere pyare shyam sunder..



Mukesh K Agrawal

पल्लवी जी धन्यवाद ना कहे...

केवल कहे ...

"राधे-राधे"





Pallavi Sharma

jai shree krishna ji......
ok ji...





Naresh Sharma

Radhe ka nam anmol bol radhe bramha bole radhe radhe vishnu bole radhe radhe shivji ke damru se avaj aai radhe radhe radhe ka anmol bol radhe




Mukesh K Agrawal

बहुत ही सुन्दर पद है, नरेश भाई...

राधे का नाम अनमोल, बोलो राधे-राधे...
कर्णों में भर दे अमृत घोल, बोलो राधे-राधे...




Naresh Sharma

mukesh bhai meto itna hi kahunga ki me khush nasib hu jo muze radha rani ne apni bhakti dihe aur muz jese   papi  ko apni sevaka moka diya he bahot badi kripa kardi radha ranine humpar



Mukesh K Agrawal

सेवा भावना बढ़ती रहे, कृपा बरसती रहे...
श्री राधे श्री राधे, नित निरंतर  जपते रहे...





Naresh Sharma

aur aajbhi mere pran chute to usse pahle me 1 bar apni radha rani ko dekhna chahunga q ke ise acha darshan kya hoga aur darshan kartehi mere pran chut jaye aur har janm muze brindaban me mile aur me nitya prati radha rani ki lubhawani chabika darshan karu shri radhe




Mukesh K Agrawal

अतिसुन्दर भाव...

श्री राधे... राह दे... राह दे... श्री राधे.... 
 



Naresh Sharma

Radhe radhe to all




Chetan Saxena

अब तो बस यही विनती हैं मोरे प्यारे श्री राधे कृष्ण कि

श्री राधे कृष्ण को ही ध्याऊँ
श्री राधे कृष्ण का ही नाम गाऊं
श्री राधे कृष्ण के  नाम को ही सुनु
श्री राधे कृष्ण के लिए ही   झूमूं नाचूं गाऊं
श्री राधे कृष्ण  के ही श्री  चरणों में  जियूं
श्री राधे कृष्ण के ही  श्री चरणों  में मर जाऊं
श्री राधे कृष्ण के श्री चरणों  में मिल जाऊं 
श्री राधे कृष्ण के श्री चरणों में मिल जाऊं

राधे राधे   श्री राधे  राधे श्री  राधे राधे
जय जय श्री राधे कृष्ण  


जय जय माँ राधे पिता कृष्ण  




Narendra Thakur

तुझ बिन मेरी  श्यामा  प्यारी ,अब   मुझको लाड  लड़ाए कोन......तुमने भी ठुकराया  जो दर से फिर मुझको अपनाये कोन........मुझे चरणों में रख   ली जो ,लड़ो मेरी विनय  मान ली जो........ 



Abhishek Moitra

Aaahan Aaati sundar aati madhur bhaav bhai ji..

Dandavat pranaam...

JAI JAI SHREE RADHE..




Mukesh K Agrawal

जय जय श्री राधे अभिषेक भाई जी... कृपा कर मुझ जैसे तुच्छ,  अज्ञानी को   दंडवत प्रणाम न किया करे... मैं इसके योग्य नहीं  हूँ... परन्तु साथ ही साथ  आपके हृदय  के भाव का भी पूर्ण सम्मान भी करता हूँ... अनुज समझकर क्षमा  कीजियेगा  अगर कुछ गलत  कहा हो तो...

राधे-राधे...




Abhishek Moitra

Sri Radhe Mukesh ji...  

Aapki ichaa shiro dharya hain bhai ji... Main aapko dandavat naheen karoonga......

Parantu prabhu ki aprakrit kripa se, aap jaise param premi bhakto ko sanga mila hain, usse humko door na kijiye...

Humein to, prabhu katha-lila ka rasaswadan karate rahiye...  

Aaur rahi yogyata ki baat.... To saach maniye bhaiji....... ki hum jaise kali ke jeevon ki aukaat heen kya, ki uss param brahm, purna  purushottam, sachitananda bhagwan sri krishna chandra koo paa yaa unka darshan kar saken...... Yeh to bhakt vatswal, din dayal prabhu ki kripa heen hain, unki aya chit daya heen hain.... jo hriday mein thoodi se unke liye chaah utpanna hoti hain.... unkee naam mein thoodi si roochi utpanna hoti hain, sri guru kripa se prabhu ke bhajan mein thoda sa maan lagta hain....

Aur prabhu ke param bhakto se koi galati to ho heen naheen sakti, kyonki prabhu ka bhakt, aapna sab kuch, sarwasa prabhu ke sri charano mein samarpit kar deta hain, atah bhaakt jo bhi karta hain, vaastav mein prabhu ki icchaa, aur prabhu ki prasannata ke liyee heen karta hain...


JAI JAI SHREE RADHE..
 



Mukesh K Agrawal

सत्य कहा आपने अभिषेक जी...  आपके इन  वचनों से   अभिभूत हूँ... बस भक्त वत्सल, दीनदयाल, करूणानिधि प्रभु से कामना है कि, वो अपनी कृपा आप जैसे सुहृदय भक्तों के संग प्रदान करने के माध्यम से बनाई रखे...

राधे-राधे...




Jagdish Sugandh

परम सनेही राम की नीति ओलूंरी  आवै।
राम म्हारे हम हैं राम  के, हरि बिन  कछू न सुहावै।
आवण कह गए अजहुं न आये,   जिवडा अति  उकलावै।
तुम दरसण की  आस रमैया, कब हरि दरस दिलावै।




Pankaj Dubey

जय जय श्री कृष्ण

Wednesday, January 12, 2011

!! ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी... !!

सांवल वीरा श्यामसुन्दर,  नानी बाई के अश्रु पोंछते हुए...


भक्त और भगवान के मध्य एक अटूट रिश्ता होता है... और यह अटूट रिश्ता भी भक्त स्वयं निज समर्पण भाव से ही बनाता है... कोई भक्त भगवान को सखा भाव से पूजता है तो कोई दास भाव से, तो कोई भ्रात भाव से... श्री भगवान सैदव अपने भगतों, अपने प्रेमियों के वश में रहते है... और समय समय पर वे अपने निज भक्तों की करुण पुकार सुनकर उन रिश्...तों को निभाने के लिये स्वयं प्रकट भी हो जाते है...



आज के इस युग में भक्त शिरोमणि श्री नरसी मेहता का नाम कौन नहीं जानता... जिनकी निश्छल भक्ति एवं प्रेम से वशीभूत होकर श्री श्यामसुन्दर ने स्वयं प्रकट होकर उनकी पुत्री नानी बाई का मायरा भरा था... श्री नरसी जी की एक पुत्री 'नानी बाई' थी, जिसके जन्मोपरांत उनकी पत्नी का देहांत हो गया... पुत्री नानी बड़ी हुई तो अपने पिता नरसी जी की कृष्ण भक्ति से बहुत प्रभावित हुई और उन्होंने श्री कृष्ण को ही अपना भाई बना कर नित्य प्रति उनकी पूजा किया करती थी... कालांतर में नानी बाई का विवाह हो गया... एवं नानी बाई के विवाहोपरांत श्री नरसी जी सभी सांसारिक वस्तुओ का त्याग कर श्री कृष्ण भक्ति में लीन हो गए...



इधर नानी बाई को भी एक पुत्री हुई... कुछ वर्षों पश्चात नानी बाई की पुत्री का विवाह तय हो गया... विवाह के लिये नानी बाई के ससुराल वालो ने नरसी जी को मायरा भरने के लिये आमंत्रित किया.. परन्तु वैरागी नरसी जी के पास मायरा भरने के लिये कुछ भी नहीं था... उन्हें तो केवल श्री कृष्ण पर ही अटूट विश्वास था, और सब कुछ श्री कृष्ण के ऊपर ही सौंप दिया था... इधर जब नानी बाई के सुसुराल वाले विविध प्रकार के तानो एवं व्यंगो से उनके हृदय को पीड़ा पहुचाने लगे तो एक दिन नानी बाई पानी लेने के बहाने एक बावड़ी के पास आती है और करुण हृदय से बिलख बिलख कर रोती हुई इसप्रकार अपने वीरा सांवला श्यामसुन्दर से प्रार्थना करती है...





ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



या नानी रोवे, टेर लगावे रे, तू भाई बनकर ल्या तारा री चुनड़ी...
या नानी रोवे, टेर लगावे रे, तू भाई बनकर ल्या तारा री चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



बाबुल भी मेरो, समधिया ने बोले रे , यो सांवल वीरो ल्यावेगो चुनड़ी...
बाबुल भी मेरो, समधिया ने बोले रे , यो सांवल वीरो ल्यावेगो चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



साँवरिया आजा, लाज बचा जा रे, थारे बिन कुण ल्यावे बाई री चुनड़ी...
साँवरिया आजा, लाज बचा जा रे, थारे बिन कुण ल्यावे बाई री चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



राधा ने ल्याजे, रुक्मण ने ल्याजे रे, और सागे ल्याजे थारी प्यारी बांसुरी...
राधा ने ल्याजे, रुक्मण ने ल्याजे रे, और सागे ल्याजे थारी प्यारी बांसुरी...
ओ सांवल वीरा आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



सांवल सा थारी, बाट उडिकू रे, 'बनवारी' ल्यावेगो सोहनी सी चुनड़ी...
सांवल सा थारी, बाट उडिकू रे, 'बनवारी' ल्यावेगो सोहनी सी चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनरी...
ओ सांवल वीरा, आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनरी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...



और नानो बाई की इस करुण पुकार को सुनकर सांवल वीरा श्यामसुन्दर तत्क्षण प्रकट हो नानी बाई के अश्रु पोंछते है... और विवाह में अपनी पटरानी रुक्मणी के संग आकर नानी बाई सा को चुनड़ी उढ़ाकर मायरा भरते है...



"राजस्थान, हरियाणा एवं गुजरात प्रांत में मायरा भरना विवाह की एक रस्म है, जिसमे जब कोई बहन अपनी पुत्री या पुत्र का विवाह करती है तो, उसका भाई अपनी बहन के द्वार पर बहुत सारी भेंट लाता है एवं उसे गले लगाकर प्रेम स्वरुप चुनड़ी उढ़ाता है..."



!! जय जय सांवल वीरा श्याम सुन्दर की !!
!! जय जय हो श्री रुक्मणी द्वारिकाधीश की !!
भजन : "श्री जय शंकर चौधरी"


टिपण्णीयां :


Mukesh K Agrawal


‎ओ सांवल वीरा आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई  ने चुनड़ी...
या नानी रोवे, टेर लगावे रे, तू भाई बनकरल्या तारा री चुनड़ी...
ओ सांवल वीरा आण ऊढ़ाज्या रे, कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...
कुण आण उढ़ावे बाई ने चुनड़ी...


!! जय जय सांवल वीरा श्याम सुन्दर की !!
!! जय जय हो श्री रुक्मणी द्वारिकाधीश की !!



Sushila Saraf

आज्या आज्या रे सांवरिया,चीर उढ़ाज्या रे सांवरिया
भरज्या मायरो......

बिन मायडरी डावडी रे ना माँ जायो बीर...
मायरे री बेल्यां म्हाने कुण उडावै चीर
धीर बंधाज्या रे सांवरिया, हिवड  लगाज्या रे सांवरिया
भरज्या मायरो......



Mukesh K Agrawal

ताई जी...बहुत ही सुन्दर भाव है...

"मायरे री बेल्यां म्हाने कुण उडावै चीर
धीर बंधाज्या रे सांवरिया, हिवडे लगाज्या रे सांवरिया
भरज्या मायरो......"





Abhishek Moitra

Ahaan ati ati sundar evong madhur bhaav bhaiji...

Dandavat pranaam...

JAI JAI SHREE RADHE..





Mukesh K Agrawal

नरसी जी री लाडली रे, आंसुडा ढलकावे...
हिवडो उमड्यो जावे, बाई रो धीरज टूट्यो जावे...
धीर बंधाज्या रे सांवरिया, हिवडे लगाज्या रे सांवरिया...
भरज्या मायरो, भरज्या मायरो...



Sushila Saraf

बाबल म्हारो भोलो-ढालो गिरधर रा गुण गावै
नगरी रा सब लोग मसखरा,म्हारी  हंसी उडावै
भावे ना म्हाने सांवरिया,कई कावां थानै सांवरिया
भरज्या मायरो ....




Sushila Saraf.]

सांवरिया क तीर खड़ी या, नानी नीर बहावै है
माँ का जाया बीर बिना कुण, भात भरणन आवै है...



Vrunda Sakhi

जय जय हो श्री रुक्मणी द्वारिकाधीश की



Mahabir Saraf


एक दिन म्हारो  भोलो बाबुल, अरबपति  कहलायो थो
अन्न धन रा भण्डार घनेरा, और छोर नहीं पायो थो
ऊँचा-ऊँचा महल मालिया, नगर सेठ कहलायो थो
अब गिनती का नौकर चाकर, याद मनै सब आवै है...


सरवरिये क तीर खड़ी या, नानी नीर बहावै है
माँ का जाया बीर बिना कुण, भात भरणन आवै है





Jai Shri Krishna

mere ly aansu baha kar to dekh ,tere jeevan main aanand kai sagar na bhar du to kehna !!!




Chetan Saxena

जय जय श्री राधे कृष्ण



Narendra Thakur

RADHE RADHEJI




Pankaj Dubey

जय श्री राधे कृष्ण



Manjulata Verma

dhanyvad, mukesh ji...nani bai ki katha bahut bhav bibhor karati hai..narasimehata jaise bhakt to koti-2 pranam karati hun..radhe radhe



Mukesh K Agrawal]

जी मंजुलता जी आपने सही कहा...

भक्तवत्सल प्रभु  सारया सब काज जी...
भक्तवत्सल प्रभु सारया सब काज जी...
नानी बाई रा मायरा रो ठाकुर जी राखि लाज...
म्हारा साँवरिया जी राखि लाज जी


Narendra Thakur


‎"Kya mange tujh se isse jyada,
Tere aise deedar bus hote rahe,
Teri najar hum per... na pade na sahi,
Bus humari najar tujhse na hate,
tere deedar se tar jayenge hum
agar hum na tare to na sahi,
kum se kum bakiyon ko to taar de"

RADHE RADHEJIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII




Sulakshna Singh

Ahaa Ati Sunder Aapki Iss katha ko  padhkar manoj ji aaaj hriday bhakti se dravit ho gaya !! Jai shree radhey !!



Deepak Cool

jai shree shyam



Kishori Priya

bahut sunder katha hai yeh , aise hi bhakton ki kathayen padh kar ,sunkar hamein prerna milti hai lekin usi tarah prem sagar mein doobna padega jaise meera bai ,shabri ,karmaiti bai,janabai,rabiya doob gai thi prabhu prem mein aur kuch sujhta hi nahin tha unko ........dhanyawad mukesh bhai itni sunder katha ke liye....... bhakt vatsal bhagwan ki jai



Mukesh K Agrawal


जी किशोरी प्रिया दीदी, सही कहा आपने...  प्रभु के परम भक्तों की कथायें   ही हम जैसे जन साधारण  लोगो के लिये प्रेरणास्त्रोत्र है...

"निज भक्तों की खुशी  जिनके मुख  पर  प्रसन्नता  बनकर झलकती   है... निज  भक्तों के आँसू जिनके गले की माला बन जाते है... ...निज भक्तो का दु:ख जिनको विचलित कर देता हैं... निज भक्तो की पुकार सुन जो अधीर हो जाते हैं.. निज भक्तो का अहित  करने पर जो  नृसिंह  जैसा भयंकर रुप धारण कर लेते हैं... ऐसे 'भक्तानुकूल' 'भक्तउद्धारक' 'भक्तवत्सल' श्री  श्यामसुन्दर  को मेरा भी  अनन्त कोटी प्रणाम है... मेरा भी अनन्त कोटी प्रणाम है...  मेरा भी अनन्त कोटी प्रणाम है..."




Kishori Priya

JINKE PAG PAGPRAN NAHIN UNKO GAJDHEESH  CHADAVAT HAIN , JINKE GHAR   HOJAN ANN NAHIN UNKO DADHI DUDH KHAVAWAT HAIN, JINKO JAG MEIN KOU JAANAT NAHIN UNKO TEEHU LOK JANAAVAT HAIN, AISE KAAM KAREN JAG MEIN YEH TABAHUN DEEN DAYAL KAHAVAT HAIN ..............JAI HO DEENDAYAL PRABHU KI




Mukesh K Agrawal

जय हो जय हो सैदव ही जय हो भक्तवत्सल  दीनदयाल  प्रभु की...



Sulakshna Singh

Kyaa Sunder Baat Likhi hai Mukesh ji aapne aur hamari pyaari kishori didi ne..yahi param satya hai..Jai ho hamare savre Girdhari, Shyam sunder sarkar ki...



Mukesh K Agrawal

जय हो सांवरे गिरधारी श्यामसुन्दर की एवं जय हो सांवरे  गिरधारी  श्यामसुन्दर के प्रिय भक्तों की...

जय जय श्री राधे !!!!!!!!!!




Narendra Thakur

श्री श्याम राधिका गाऊँ री किशोरी राधे !

चरणन शीष नवाऊँ री किशोरी राधे !!

बैठी रहूँ कुंजन के  कोने !
गुन्थित कर प्रिया-लाल  के रहने !

मधुर-माधुरी जोड़ी निहारूँ !
लीला-कथा-कृपा मन में विचारुँ !

भक्त-संत संग लाभ बटोरूँ !
जीवन फल मैं पाऊँ किशोरी राधे !!

श्री श्याम-राधिका गाऊँ री किशोरी राधे !
चरणन शीष नवाऊँ री किशोरी राधे !!

श्यामसुन्दर की मुरली मनोहर !
श्रीजी की प्यारी ललिता सखी जी !

सब ब्रजवासी अरु निज परिकर !
श्री गुरु कृपा फल पाऊँ री किशोरी राधे !!

श्री श्याम-राधिका गाऊँ री किशोरी राधे !
चरणन शीष नवाऊँ री किशोरी राधे !!

लखि मुष्कान मधुर प्रिया-प्रियतम !
केलि कुञ्ज की सेवा अनुपम !

रास-विलास के दर्शन लेकर !
कुञ्ज बिहारी रस गाऊँ री किशोरी राधे !!

श्री श्याम राधिका गाऊँ री किशोरी राधे !
चरणन शीष नवाऊँ री किशोरी राधे !!
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