!! ॐ !!


Thursday, October 27, 2011

!! अपनी उंगली थमाना, मेरे सांवरे... !!



निर्मल मन से, सजल नयन से, माँगू यही वरदान...
भूले से न भूलू तुझे मैं, मेरे प्रियतम श्याम...




परन्तु, संभवतः... हे! मेरे श्यामसुन्दर... हे! मेरे सांवरे...



मैं तुझे गर कहीं भूल जाऊं कभी, तू मुझे ना भुलाना मेरे सांवरे...
जो भटक भी गया राह में मैं कभी, अपनी उंगली थमाना मेरे सांवरे...



मुझको तेरा ही है एक आसरा...
मेरा तेरे सिवा ना कोई दूसरा...
रूठना ना कभी तुमको मेरी कसम...
रूठना ना कभी तुमको मेरी कसम...



मैं तुझे गर कहीं भूल जाऊं कभी, तू मुझे ना भुलाना मेरे सांवरे...
जो भटक भी गया राह में मैं कभी, अपनी उंगली थमाना मेरे सांवरे...



तेरा मेरा ये रिश्ता है प्यार का,...
मैं हूँ पागल दीवाना दीदार का...
है बुरे सांवरे देख मेरे करम,
है बुरे सांवरे देख मेरे करम,



मैं तुझे गर कहीं भूल जाऊं कभी, तू मुझे ना भुलाना मेरे सांवरे...
जो भटक भी गया राह में मैं कभी, अपनी उंगली थमाना मेरे सांवरे...



तुमसे बाँधी है जीवन की डोर ये...
मेरी भूलो पे करना न गौर रे...
कर जरा 'हर्ष' पे श्याम थोड़ी रहम...
कर जरा भगत पे श्याम थोड़ी रहम...



मैं तुझे गर कहीं भूल जाऊं कभी, तू मुझे ना भुलाना मेरे सांवरे...
जो भटक भी गया राह में मैं कभी, अपनी उंगली थमाना मेरे सांवरे...



!! जय जय सांवरे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय सांवरे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय सांवरे श्यामसुन्दर जी की !!



भजन : "श्री बिनोद अग्रवाल जी"

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