!! ॐ !!


Sunday, July 22, 2012

!! मुझे बेगानी बस्ती में, तुझ-सा यार मिल जाये... !!



हे! मेरे श्यामसुन्दर, हे! मेरे भगवन...



मेरे दिल को मेरे भगवन, तुम्हारा प्यार मिल जाये...
मेरी वीरान राहों का, गुलिस्तां यार खिल जाये...



जो दिल की दास्तां समझे, उसे दिलदार कहते है...
यही मेरी तमन्ना है, मुझे दिलदार मिल जाये...



मेरे दिल को मेरे भगवन, तुम्हारा प्यार मिल जाये...
मेरी वीरान राहों का गुलिस्तां यार खिल जाये...



जो बदले में न कुछ चाहे, उसे ही प्यार कहते है...
मुझे बेगानी बस्ती में, तुझ-सा यार मिल जाये...



मेरे दिल को मेरे भगवन, तुम्हारा प्यार मिल जाये...
मेरी वीरान राहों का गुलिस्तां यार खिल जाये...



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