!! ॐ !!


Friday, October 8, 2010

!! आज सांवरिया न देखो काई बात जी...!!



आहा!! आज तो सांवरिया का श्रृंगार कितना आलौकिक रूप सुं चमक दमक रहयो ह... आज सांवरिया न देखो तो सही काई बात ह...


रूप चंदा जईया चमके, तेज़ सूरज जईया दमके...
आज सांवरिया न देखो काई बात जी...


मुखड़ो भोर सुहानी लागे, नयना दोपहरी सा जागे...
केश जईया मस्तानी आई रात जी...
आज सांवरिया न देखो काई बात जी...


चुन चुन फुलरा हार बनायो, बागा प गोटा किनारी...
भांति भांति का इत्र लगाया, महके दुनिया सारी...
ओ स्वर्ण मुकुट धारयो माथा पे...
थोडी पर जो हीरो चमके, झलक रहयो है जमके...


रूप चंदा जईया चमके, तेज़ सूरज जईया दमके...
आज सांवरिया न देखो काई बात जी...


गल वैजयंती माल सोहे, कमर पे करधनी प्यारी...
काना में थारे कुंडल सोहे, अद्भुत छवि न्यारी...
ओ बंशी सजी है थारे अधरा पे...
एक बार थे बंशी बजाओ, पग पग घुंघरू चमके...


रूप चंदा जईया चमके, तेज़ सूरज जईया दमके...
आज सांवरिया न देखो काई बात जी...


बुरी नज़र न लागे कोई, राई नून तो उवारो...
सज धज बैठ्यो बनरो सो यो, सबने लागे प्यारो...
ओ मंद हँसी म्हारो मन मोहे...
हाथ राखो थारे भागता के सिर पे, चरणा में रह रमके...


रूप चंदा जईया चमके, तेज़ सूरज जईया दमके...
आज सांवरिया न देखो काई बात जी...



          !! जय जय श्री सांवरिया श्यामसुन्दर !!

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