!! ॐ !!


Wednesday, July 13, 2011

!! जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो... !!


मृत्यु एक अटल सत्य है...और यह निश्चित है, एवं यह भी सत्य है कि प्रभु भक्ति से ही मृत्यु सुधरती है...प्रभु का स्मरण हमारा मरण सुधरता है... श्री भगवान का नाम स्मरण करते हुए जो प्राण त्याग करे, उसे भगवान की प्राप्ति अवश्य होती है, ऐसा श्रीमद गीता जी में योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है... इसलिए हे!  मेरे प्रिय श्यामसुन्दर, हे प्रिय मनमोहन, अब तो केवल इस ह्रदय की एकमात्र यही अभिलाषा शेष रह गयी है...



जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



तन श्याम नाम की चादर हो, जब गहरी नींद में सोया रहूँ...
कानो में मेरे गुंजित हो, कान्हा बस नाम तुम्हारा हो...
जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



रस्ते में तुम्हारा मंदिर हो, जब मंजिल को प्रस्थान करूँ...
चौखट पे तेरी मनमोहन, अंतिम प्रणाम हमारा हो...
जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



उस वक्त कन्हैया आ जाना, जब चिता पे जाके शयन करूँ...
मेरे मुख में तुलसी दल देना, इतना बस काम तुम्हारा हो...
जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



गर सेवा की मैंने तेरी, तो उसका ये उपहार मिले...
इस 'हर्ष' भगत का साँवरिये, नहीं आना कभी भी दुबारा हो...
इस तेरे भगत का साँवरिये, नहीं आना कभी भी दुबारा हो...
जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो...
चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो...



आप सभी प्यारे श्यामसुन्दर के श्री चरणों में समर्पित इस अतिसुन्दर भाव को नीचे दिए गए लिंक पर क्लीक कर सुन भी सकते है...




!! जय जय हो प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय हो प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!
!! जय जय हो प्यारे श्यामसुन्दर जी की !!


भजन : श्री विनोद जी अग्रवाल

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