!! ॐ !!


Wednesday, December 29, 2010

!! जिनकी नजरो में श्याम नज़रबंद है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद है...!!






वास्तव में सही कहा गया है कि, भगवान और भक्त का संबंध सैदव से ही आनंदवर्धन एवं परम शांतिदायक होता है... यदि हम पूर्ण रूप से आपने प्रभु को समर्पित हो जाये तो हमें उसे याद करने की आवश्यकता नहीं, वे स्वयं निज भक्तो का ध्यान रखते है...


भगवान सैदव भक्तों के वश में रहते है, भीषण तपस्या करने वाले को भगवान के दर्शन सुगमता से नहीं होते परन्तु निश्छल मन से जब एक "निर्धन जाट" ने पुकारा तो एक हाली बनकर उसका खेत जोत आये...एक अबोध बालक जंगल पार करने में डर रहा था तो "श्याम भईया" बनकर उसे जंगल पार करा गए... इसलिए हमें भी एक मात्र अपना संबंध आपने प्रभु से ही जोड़ लेना चाहिये... इसलिए तो कहते है...



श्याम प्यारे से जिनका संबंध हैं, उनके चित्त में आनंद ही आनंद हैं...
मेरे सांवरे से जिनका संबंध है, उनके घर में आनंद ही आनंद है...



डोर जीवन की सौंप दे तू श्याम को...
श्याम कर देगा तेरे हर काम को...
इनके हाथो में जिसका प्रबंध है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद है...
मेरे सांवरे से जिनका संबंध है, उनके घर में आनंद ही आनंद है...



रिश्ता जिनका प्रभु श्याम से हो जायेगा...
वो ज़िन्दगी में अभय दान पायेगा...
जिनकी नजरो में श्याम नज़रबंद है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद है...
श्याम प्यारे से जिनका संबंध हैं, उनके घर में आनंद ही आनंद हैं...



इनको दिल में बसा, दुःख सारे कट जायेंगे...
ज़िन्दगी के पाप, सारे कट जायेंगे...
छायी कण-कण में इनकी सुगंध है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद हैं...
मेरे सांवरे से जिनका संबंध हैं, उनके घर में आनंद ही आनंद हैं...



"मात्रदत्त" श्यामसुन्दर से जोड़ो लगन...
काट तो ज़िन्दगी, श्याम में हो मगन...
जिनको आया ये सांवरा पसंद है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद है...
श्याम प्यारे से जिनका संबंध हैं, उनके घर में आनंद ही आनंद हैं...



मेरे सांवरे से जिनका संबंध है, उनके चित्त में आनंद ही आनंद है...
श्याम प्यारे से जिनका संबंध हैं, उनके घर में आनंद ही आनंद हैं...
भाव के रचियता : "श्री श्री मात्रदत्त जी"

7 comments:

  1. जिनको जीवन मे मिला सत्संग है
    उसे हर घडी आनन्द ही आनन्द है

    बहुत सुन्दर भजन्।

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  2. वंदना दीदी बहुत ही सुन्दर और सत्य लिखा आपने...

    जय श्री श्यामसुन्दर जी की

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  3. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (30/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  4. जी बहुत बहुत धन्यवाद, जरुर पधारुंगा...

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  5. बहुत सुन्दर भक्तिपूर्ण प्रस्तुति..नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

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  6. श्री कैलाश जी आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये...

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