!! ॐ !!


Thursday, December 30, 2010

!! एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये... !!



प्यारे साँवरा श्यामसुन्दर की प्रेम की नजर जिस किसी पर भी पड़ती है, तो वो निहाल हो जाता है... इसलिए प्रभु के श्री दर्शन की आस लिये एक प्रेमी का हृदय प्रेम भावना से वशीभूत हो, श्री श्यामसुन्दर से अपनी हृदय की भावनाओं की अभिव्यक्ति इस प्रकार करता है...




एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...
नजरे मिला के श्याम जरा मुस्कराइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...
नजरे मिला के श्याम जरा मुस्कराइये...



नजरे हमारी आपकी, चौखट पे है लगी...
कबसे निहारे राह, बिचारी खड़ी खड़ी...
नजरों पर कर रहम, इन्हें अब ना सताइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...



ये जानकर भी आप यही आस पास है...
फिर भी समझ ना आये, यह दिल क्यों उदास है...
जज़्बात दिल के जान जरा पास आइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...



दिल को तो हमने आपके, चरणों में रख दिया...
दुनिया हमारी आप है, इतना समझ लिया...
अब आप आपने हाथ से इसे सजाइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...



प्रहलाद सा बनू प्रभु, हनुमत से भक्ति हो...
गाऊं भजन में झूम के, मीरा सी मस्ती हो...
'नंदू' कहे इसे तो अपने, गले लगाइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...



एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...
नजरे मिला के श्याम जरा मुस्कराइये...
एक बार हमसे साँवरे, नजरे मिलाइये...
नजरे मिला के श्याम जरा मुस्कराइये...



!! जय जय श्री साँवरा श्यामसुन्दर जी !!
!! जय जय श्री साँवरा श्यामसुन्दर जी !!


भजन : "श्री नंदू जी"

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